इंसानियत की मिसाल: 10वें मोहर्रम पर अरबाज ने कर्बला में अकीदतमंदों को पिलाया पानी और शरबत
रिपोर्ट - फिरदौस
इंसानियत की मिसाल: 10वें मोहर्रम पर अरबाज ने कर्बला में अकीदतमंदों को पिलाया पानी और शरबत
पलिया कलां। यौम-ए-आशूरा यानी 10 मोहर्रम के ऐतिहासिक और गमगीन मौके पर क्षेत्र में हर तरफ इंसानियत और सेवा की अनूठी मिसाल देखने को मिली। इसी कड़ी में स्थानीय कर्बला मैदान में अरबाज और उनके अन्य दोस्तों के द्वारा जायरीन और अकीदतमंदों के लिए ठंडे पानी और शरबत की 'सबील' (सेवा स्टॉल) लगाई गई।
भीषण गर्मी में अकीदतमंदों को मिली राहत
10 मोहर्रम को कर्बला में हजरत इमाम हुसैन और उनके बहत्तर साथियों की शहादत को याद करते हुए ताजिये सुपुर्द-ए-खाक किए गए। इस दौरान उमड़ी भारी भीड़ और गर्मी को देखते हुए अरबाज ने अपनी टीम के साथ मिलकर सुबह से लेकर शाम तक कर्बला पहुंचने वाले हर छोटे-बड़े, बुजुर्ग और राहगीरों को पूरी शिद्दत के साथ ठंडा पानी और रूहअफ़ज़ा का शरबत पिलाया।
प्यासे को पानी पिलाना ही सच्ची इंसानियत
इस सेवा कार्य की वहां मौजूद सभी लोगों और गणमान्य नागरिकों ने खूब सराहना की। इस मौके पर अरबाज ने कहा कि कर्बला का पैगाम ही अमन, भाईचारे और इंसानियत का है। इमाम हुसैन ने हक के लिए अपनी जान दे दी और उनके साथियों की प्यास को याद करते हुए आज के दिन प्यासों को पानी पिलाना सबसे बड़ा सुवाब (पुण्य) का काम है। हमारा मकसद सिर्फ लोगों की सेवा करना है।
इस दौरान कर्बला आने वाले जायरीनों ने अरबाज के इस नेक कार्य की तारीफ करते हुए उन्हें दुआओं से नवाजा।

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